मङ्गल in the अष्टम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Longevity & Occult
शास्त्रीय श्लोक
अष्टम भाव में मंगल जातक को रोगी, अल्पायु और अल्प सम्पत्ति वाला बनाता है। शल्यचिकित्सा, मार्शल आर्ट या गूढ़ शोध में रुचि संकेतित है। दुर्घटनाएं संभव हैं।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 63-64
आधुनिक व्याख्या
दुर्घटनाओं, शल्य हस्तक्षेप और अचानक स्वास्थ्य संकटों की प्रवृत्ति। जांच, फोरेंसिक या गूढ़ शोध में प्रबल रुचि। उत्तराधिकार संघर्ष से आ सकता है। परिवर्तनकारी साहस।
कुंजी शब्द
accidentssurgeryoccultinheritance