मङ्गल in the चतुर्थ भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Home & Mother
शास्त्रीय श्लोक
चतुर्थ भाव में मंगल जातक को बंधुओं, मित्रों, माता, भूमि और सुख से वंचित करता है। घरेलू अशांति, संपत्ति विवाद और मानसिक अशांति संकेतित है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 55-56
आधुनिक व्याख्या
निवास में बार-बार परिवर्तन के साथ अशांत घरेलू वातावरण। भूमि और संपत्ति पर विवाद। माता से संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। इस भाव से मांगलिक दोष वैवाहिक सामंजस्य प्रभावित करता है।
कुंजी शब्द
property disputesdomestic unrestmothermanglik