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सूर्य एवं चन्द्र ग्रहण -- ब्रह्माण्डीय छाया नाटक
ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चन्द्र और पृथ्वी चन्द्र पातबिन्दुओं (राहु-केतु अक्ष) के निकट एक रेखा में आते हैं। सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुज़रता है। चन्द्र ग्रहण पूर्णिमा को होता है जब पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है। चन्द्र कक्षा का तल क्रान्तिवृत्त से ~5.14° झुका है, अतः ग्रहण केवल तभी होता है जब अमावस्या/पूर्णिमा राहु या केतु बिन्दु के निकट हो। सैरोस चक्र ~18 वर्ष 11 दिन का होता है।
शर्त:|Moon_lat_node_distance| < 18.5\u00B0 (Solar) or < 12.5\u00B0 (Lunar)
सैरोस चक्र: ~6,585.3 दिन (223 सिनोडिक मास)