मङ्गल in the नवम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Fortune & Dharma
शास्त्रीय श्लोक
नवम भाव में मंगल जातक को पापी, बड़ों की निंदा करने वाला, शीघ्र पितृहीन, किन्तु तीर्थयात्रा करने वाला बनाता है। शुभ स्थिति में विश्वासों की रक्षा में साहस संकेतित है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 65-66
आधुनिक व्याख्या
विश्वासों की आक्रामक खोज और धर्म पर दृढ़ विचार। पिता या गुरु से संबंध विवादास्पद हो सकते हैं। साहसिक लम्बी यात्राएं। धार्मिक या नैतिक सिद्धांतों की रक्षा।
कुंजी शब्द
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