मङ्गल in the पंचम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Children & Intellect
शास्त्रीय श्लोक
पंचम भाव में मंगल जातक को संतान और धन से वंचित करता है और चंचल मन देता है। शुभ दृष्टि होने पर प्रतिस्पर्धी कार्यों और सट्टे में बुद्धि संकेतित है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 57-58
आधुनिक व्याख्या
तीक्ष्ण, आक्रामक बुद्धि प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों के लिए उपयुक्त। सट्टा उपक्रमों में उच्च जोखिम। संतान जिद्दी हो सकती है। प्रेम भावुक किन्तु अशांत है।
कुंजी शब्द
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