गुरु in the षष्ठ भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Enemies & Disease
शास्त्रीय श्लोक
षष्ठ भाव में गुरु शत्रुओं का नाश करता है किन्तु जातक को आलसी और अपमान प्रवण बनाता है। पीड़ित होने पर अतिभोग से स्वास्थ्य समस्याएं संभव हैं।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 107-108
आधुनिक व्याख्या
ज्ञान और निष्पक्षता से विवाद सुलझाने की क्षमता। चिकित्सा, कानून या सेवा व्यवसायों में सफलता। वजन प्रबंधन और यकृत स्वास्थ्य पर ध्यान दें। शत्रु धार्मिक माध्यमों से पराजित होते हैं।
कुंजी शब्द
healinglawserviceenemiesoverindulgence