गुरु in the एकादश भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Gains & Desires
शास्त्रीय श्लोक
एकादश भाव में गुरु जातक को दीर्घायु, धनवान, सत्यवादी, सुखी, कम संतान किन्तु अनेक सेवकों वाला बनाता है। ज्ञान से महत्वाकांक्षाएं पूर्ण होती हैं।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 117-118
आधुनिक व्याख्या
शिक्षा, ज्ञान और बुद्धिमान सलाह से बड़े पैमाने पर लाभ। विद्वान और प्रभावशाली लोगों से मित्रता। नैतिक माध्यमों से वित्तीय लक्ष्य पूरे होते हैं। सामाजिक कार्य आपकी भागीदारी से लाभान्वित होते हैं।
कुंजी शब्द
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