शुक्र in the षष्ठ भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Enemies & Disease
शास्त्रीय श्लोक
षष्ठ भाव में शुक्र जातक को शत्रुओं से मुक्त किन्तु धन से भी वंचित कर सकता है, अपमान देता है। संबंध चुनौतियां किन्तु रचनात्मक सेवा सफलता संभव है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 131-132
आधुनिक व्याख्या
प्रेम संबंधों में बाधाएं या कार्यस्थल जटिलताएं आती हैं। सौंदर्य, स्वास्थ्य या कल्याण उद्योगों में सेवा आपके अनुकूल है। विवाद कूटनीतिक रूप से सुलझते हैं। प्रजनन स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
कुंजी शब्द
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