लखनऊ · Uttar Pradesh
जन्माष्टमी 2027लखनऊ में
लखनऊ के निर्देशांकों (26.85°N, 80.95°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
मंगलवार, 24 अगस्त 2027
सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:35
यह तिथि क्यों?
निशीथ काल (मध्यरात्रि) नियम: जिस दिन अष्टमी तिथि निशीथ काल में व्याप्त हो, उस दिन मनाया जाता है। भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भगवान कृष्ण
पौराणिक कथा
भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा की कारागार में मध्यरात्रि को देवकी और वसुदेव के घर हुआ। अत्याचारी कंस ने भविष्यवाणी के बाद उन्हें कैद किया था। कृष्ण के जन्म पर सभी पहरेदार सो गए, बेड़ियाँ टूट गईं।
कैसे मनाएँ
मध्यरात्रि तक उपवास (कृष्ण का जन्म समय)। मध्यरात्रि में भजन-कीर्तन के साथ पूजा। 56 भोग तैयार करें। बाल कृष्ण की मूर्ति को झूला झुलाएँ।
महत्व
भगवद्गीता के वक्ता परमात्मा का जन्म। कृष्ण दिव्य प्रेम, ब्रह्माण्डीय ज्ञान और कर्मयोग के प्रतीक हैं।
व्रत
मध्यरात्रि तक कठोर व्रत। मध्यरात्रि पूजा के बाद प्रसाद से पारण।