विशाखापत्तनम · Andhra Pradesh
दीपावली 2026विशाखापत्तनम में
विशाखापत्तनम के निर्देशांकों (17.69°N, 83.22°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
रविवार, 8 नवंबर 2026
Lakshmi Puja (Pradosh Kaal)
17:39 – 19:05
सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:22
यह तिथि क्यों?
प्रदोष (सन्ध्या) नियम: जिस दिन अमावस्या तिथि प्रदोष काल में व्याप्त हो, उस दिन मनाया जाता है। लक्ष्मी पूजा स्थिर लग्न (वृषभ) में की जाती है।
तिथि निर्धारण नियम
प्रदोष काल (सन्ध्या समय) में तिथि व्याप्त होनी चाहिए। यह दीपावली और धनतेरस जैसे त्योहारों का प्रमुख नियम है।
स्रोत: धर्मसिन्धु एवं निर्णयसिन्धु — शास्त्रीय काल-व्याप्ति पद्धति
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- नई लक्ष्मी-गणेश मूर्तियाँ या चित्र
- लाल कपड़ा (पूजा चौकी के लिए)
- सिक्के और नोट
- कमल के फूल
- अक्षत (साबुत चावल)
पूजा के चरण
- 1
तैयारी
पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएँ। लक्ष्मी मूर्ति/चित्र बीच में पूर्वमुखी रखें, गणेश उन...
- 2
आचमन
विष्णु के नामों का उच्चारण करते हुए दाहिने हाथ से तीन बार जल का आचमन करें।
- 3
संकल्प
दाहिने हाथ में जल और अक्षत लेकर, तिथि, स्थान और लक्ष्मी-गणेश पूजा का उद्देश्य बोलकर जल छोड़ें।
फल (लाभ)
धन और समृद्धि की प्राप्ति, गरीबी और आर्थिक कठिनाइयों का निवारण, घर में लक्ष्मी का स्थायी निवास, व्यापार और करियर में सफलता, और परिवार का सम्पूर्ण कल्याण
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
देवी लक्ष्मी, भगवान राम, भगवान गणेश
कथा एवं इतिहास
भगवान राम 14 वर्ष के वनवास और रावण पर विजय के बाद अयोध्या लौटे। नागरिकों ने हज़ारों दीप जलाकर उनका स्वागत किया। एक अन्य परम्परा में, लक्ष्मी समुद्र मन्थन से इसी रात्रि प्रकट हुईं।
कैसे मनाएँ
पाँच दिनों का उत्सव: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली (लक्ष्मी पूजा, दीप जलाएँ), गोवर्धन पूजा, भाई दूज। घर की सफाई, रंगोली, नए वस्त्र।
महत्व
प्रकाश का त्योहार — अन्धकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, बुराई पर अच्छाई की विजय। सबसे अन्धेरी रात (अमावस्या) को प्रकाशित किया जाता है।