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एक ही तिथि दो कैलेंडर दिनों पर क्यों पड़ सकती है — और सही दिन कैसे निर्धारित होता है
एक तिथि लगभग 23 घण्टे 37 मिनट की होती है, जो 24 घण्टे के सौर दिन से मेल नहीं खाती। जब तिथि दो दिनों पर पड़ती है, तो प्रश्न होता है: किस दिन त्योहार मनायें? उत्तर प्रत्येक त्योहार से जुड़े काल (समय खण्ड) पर निर्भर करता है।
मूल नियम। सूर्योदय पर जो तिथि हो, वह दिन। होली, हनुमान जयन्ती, दशहरा, गोवर्धन पूजा, भाई दूज।
दिन का मध्य 1/5 भाग (~10:45 – 1:30)। देवता का जन्म मध्याह्न में हुआ। राम नवमी, गणेश चतुर्थी, अक्षय तृतीया, हरतालिका तीज।
सूर्यास्त से ~96 मिनट (4 घटी)। दीप जलाने और सन्ध्या पूजा के लिए। दीपावली, धनतेरस, करवा चौथ।
रात्रि का 8वाँ मुहूर्त (~11:40 – 12:28)। गहन रात्रि के देवता। जन्माष्टमी (कृष्ण जन्म), महाशिवरात्रि, नरक चतुर्दशी।
सूर्योदय से ~96 मिनट पहले। भोर के स्नान और शुद्धि के लिए। नरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान), छठ पूजा।