वाराणसी · Uttar Pradesh
गोवर्धन पूजा 2026वाराणसी में
वाराणसी के निर्देशांकों (25.32°N, 82.97°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
मंगलवार, 10 नवंबर 2026
सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
17:12
यह तिथि क्यों?
Govardhan Puja उदय तिथि नियम का पालन करता है — जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भगवान कृष्ण
पौराणिक कथा
गोवर्धन पूजा उस दिन का स्मरण है जब बालकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाकर वृन्दावन के लोगों और गौओं को इन्द्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाया। कृष्ण के कहने पर व्रजवासियों ने इन्द्र यज्ञ बन्द कर गोवर्धन की पूजा की। पराजित इन्द्र ने कृष्ण से क्षमा माँगी।
कैसे मनाएँ
गोवर्धन पर्वत के आकार में अन्नकूट सजाएँ — चावल, दाल, सब्ज़ियाँ, मिठाइयाँ। कृष्ण को अर्पित करें। गौओं को सजाकर पूजा करें। गोबर से गोवर्धन बनाकर परिक्रमा करें। मन्दिर में अन्नकूट दर्शन करें।
महत्व
गोवर्धन पूजा प्रकृति-भक्ति और आत्मनिर्भरता की शिक्षा देती है। कृष्ण ने दिखाया कि समुदाय का पोषण करने वाला पर्वत और गौएँ पूजा के योग्य हैं। यह दीपावली का चौथा दिन है।