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सफलता का अमृत — सबसे शक्तिशाली वार-नक्षत्र योग
अमृत सिद्धि योग (संस्कृत: अमृतसिद्धियोग, "उपलब्धि का अमृत") सभी वार-नक्षत्र योगों में सबसे शक्तिशाली है। यह केवल 7 विशिष्ट वार + नक्षत्र जोड़ियों से बनता है। जब सक्रिय होता है, तो यह किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए परम शुभ माना जाता है।
सप्ताह के प्रत्येक दिन का एक ही नक्षत्र है जो अमृत सिद्धि योग बनाता है। ये मुहूर्त दीपिका से हैं:
हस्त(चन्द्र)
मृगशिरा(मंगल)
अश्विनी(केतु)
अनुराधा(शनि)
पुष्य(शनि)
रेवती(बुध)
रोहिणी(चन्द्र)
अमृत सिद्धि योग सार्वभौमिक रूप से लाभकारी माना जाता है — कार्य के प्रकार पर कोई प्रतिबंध नहीं है:
अमृत सिद्धि योग लगभग महीने में 2-3 बार होता है। चूंकि प्रत्येक वार का केवल एक योग्य नक्षत्र है, यह संयोग काफी दुर्लभ है।
शास्त्रीय मुहूर्त ग्रंथ अमृत सिद्धि को सर्वार्थ सिद्धि से ऊपर रखते हैं। जबकि सर्वार्थ सिद्धि राहु काल और भद्रा करण से रद्द हो जाता है, अमृत सिद्धि लघु अशुभ कारकों को रद्द करने में सक्षम माना जाता है।