भोपाल · Madhya Pradesh
नरक चतुर्दशी 2027भोपाल में
भोपाल के निर्देशांकों (23.26°N, 77.41°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
बुधवार, 27 अक्टूबर 2027
सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
17:45
यह तिथि क्यों?
निशीथ काल नियम: जिस दिन चतुर्दशी तिथि मध्यरात्रि में व्याप्त हो। दीपावली से पूर्व की रात। भोर का अभ्यङ्ग स्नान नवीन वर्ष की शुद्धि करता है।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भगवान कृष्ण, देवी काली
पौराणिक कथा
नरक चतुर्दशी कृष्ण द्वारा नरकासुर वध का उत्सव है। नरकासुर ने 16,100 राजकुमारियों को बन्दी बनाया था। कृष्ण ने सत्यभामा सहित युद्ध कर उसे मारा और सबको मुक्त किया। भोर में कृष्ण को सुगन्धित तेल से स्नान कराया गया। कुछ स्थानों पर इसे काली चौदस के रूप में मनाते हैं।
कैसे मनाएँ
भोर से पहले उठकर तिल के तेल और उबटन से अभ्यंग स्नान करें। शाम को चौदह दीप जलाएँ। पटाखे फोड़ें। कृष्ण और कुछ परम्पराओं में काली या हनुमान की पूजा करें। विशेष मिठाइयाँ बनाएँ।
महत्व
नरक चतुर्दशी बुराई के नाश और पीड़ितों की मुक्ति का प्रतीक है। भोर का स्नान पापों को धोता है और चौदह दीप चौदह लोकों को प्रकाशित करते हैं। यह दीपावली से पूर्व शुद्धिकरण का दिन है।