वाराणसी · Uttar Pradesh
महाशिवरात्रि 2025वाराणसी में
वाराणसी के निर्देशांकों (25.32°N, 82.97°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
बुधवार, 26 फ़रवरी 2025
Nishita Kaal Puja
23:45 – 00:35
सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:58
यह तिथि क्यों?
निशीथ काल (मध्यरात्रि) नियम: जिस दिन चतुर्दशी तिथि निशीथ काल में व्याप्त हो, उस दिन मनाया जाता है। शिव मध्यरात्रि में प्रकट हुए।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
भगवान शिव
पौराणिक कथा
इस रात्रि से अनेक कथाएँ जुड़ी हैं: शिव ने ताण्डव नृत्य किया — सृष्टि और विनाश का ब्रह्माण्डीय नृत्य। समुद्र मन्थन में विश्व को बचाने के लिए शिव ने हलाहल विष पिया, जिससे उनका कण्ठ नीला हो गया (नीलकण्ठ)।
कैसे मनाएँ
कठोर उपवास रखें (निर्जला या फलाहार)। रात भर जागें (जागरण)। चार प्रहरों में शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, जल और शहद चढ़ाएँ। "ओम नमः शिवाय" का जाप करें।
महत्व
वर्ष की सबसे अन्धकारमय रात्रि — अन्धकार और अज्ञान पर विजय का प्रतीक। इस रात्रि शिव की ऊर्जा सर्वाधिक सुलभ मानी जाती है।
व्रत
कठोर व्रत (निर्जला या केवल फलाहार)। अगली सुबह पूजा के बाद पारण करें।