भोपाल · Madhya Pradesh
होलिका दहन 2026भोपाल में
भोपाल के निर्देशांकों (23.26°N, 77.41°E) के लिए सटीक पूजा समय
प्रमुख समय
त्योहार की तिथि
सोमवार, 2 मार्च 2026
सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:23
यह तिथि क्यों?
Holika Dahan उदय तिथि नियम का पालन करता है — जिस दिन आवश्यक तिथि सूर्योदय के समय व्याप्त हो, उस दिन त्योहार मनाया जाता है। यह धर्मसिन्धु का सामान्य नियम है।
गणना प्रमाण — पारदर्शी लेखा परीक्षा
देवता
अग्नि देव, भगवान विष्णु
पौराणिक कथा
होलिका दहन दैत्य बहन होलिका के दग्ध होने की स्मृति है। हिरण्यकशिपु की बहन होलिका को अग्नि से सुरक्षा का वरदान था। उसने प्रह्लाद को गोद में लेकर चिता पर बैठी, पर वरदान अकेले बैठने पर ही काम करता था — होलिका जल गई और प्रह्लाद अपनी अटल भक्ति से सुरक्षित बच गया।
कैसे मनाएँ
फाल्गुन पूर्णिमा को सूर्यास्त बाद शुभ मुहूर्त में सार्वजनिक स्थान पर विशाल अलाव जलाया जाता है। भक्त अग्नि की परिक्रमा करते हैं, नारियल, अनाज और लावा अग्नि में अर्पित करते हैं। कच्चा नारियल और नया अनाज भूनकर प्रसाद बनाया जाता है। लोग मन्त्र जपते हैं और पवित्र अग्नि की राख माथे पर लगाते हैं।
महत्व
होलिका दहन भक्ति की आसुरी शक्ति पर और सत्य की असत्य पर विजय का प्रतीक है। पवित्र अग्नि वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मकता को जलाती है। यह होली की पूर्व संध्या पर मनाया जाता है — अगली सुबह रंगों का त्योहार आरम्भ होता है।