सूर्य in the प्रथम भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Self & Personality
शास्त्रीय श्लोक
लग्न में सूर्य होने पर जातक के बाल विरल होते हैं, पित्त प्रकृति, बलवान किन्तु दुबला शरीर होता है। वह वीर, क्रोधी और स्वामी स्वभाव का होता है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 1-2
आधुनिक व्याख्या
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता प्रबल होती है। आप ध्यान और सम्मान आकर्षित करते हैं, यद्यपि लोग आपको प्रभावशाली पा सकते हैं। सरकारी या अधिकार के पद अनुकूल हैं।
कुंजी शब्द
leadershipauthorityself confidencegovernment