बुध in the द्वादश भाव
बृहत् पाराशर होराशास्त्र व्याख्या
Loss & Liberation
शास्त्रीय श्लोक
द्वादश भाव में बुध जातक को नीच, वाणी में अप्रभावी, आलसी और धनहीन बनाता है। शुभ दृष्टि होने पर विदेशी संवाद कार्य और समृद्ध आंतरिक मानसिक जीवन संभव है।
शास्त्रीय स्रोत देखें: BPHS Ch.24, Shloka 95-96
आधुनिक व्याख्या
मन रहस्यमय तरीकों से कार्य करता है — कल्पना और दृश्यावलोकन प्रबल हैं। विदेश या पर्दे के पीछे का कार्य। शिक्षा या संवाद पर व्यय। आध्यात्मिक लेखन या डायरी से स्पष्टता आती है।
कुंजी शब्द
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