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मंगल शान्ति पूजा मंगलवार को प्रातःकाल, सूर्योदय के बाद पहले तीन घण्टों में करनी चाहिए। मंगलवार मंगल ग्रह का अपना दिन है।
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सूर्योदय से पहले प्रातः स्नान करें। स्वच्छ लाल या मरून वस्त्र पहनें। अनुशासित और एकाग्र मनःस्थिति रखें।
दक्षिण दिशा (मंगल की दिशा) की ओर मुख कर बैठें। दाहिने हाथ में लाल चन्दन व लाल फूल सहित जल लेकर मंगल ग्रह शान्ति का संकल्प करें।
ताँबे के पात्र में जल भरकर मसूर दाल के बिछौने पर रखें। लाल चन्दन और लाल फूल डालें। लाल वस्त्र से ढकें।
घी का दीपक जलाकर और लाल फूल अर्पित कर मंगल देव का आवाहन करें। लाल चन्दन का तिलक लगाएँ। "ॐ अंगारकाय नमः" तीन बार बोलें।
मंगल बीज मन्त्र 10,000 बार (या न्यूनतम 108 बार) जपें। प्रवाल (मूँगा) या रुद्राक्ष माला का उपयोग करें। साहस और शक्ति विकीर्ण करते अग्निमय लाल गोले का ध्यान करें।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
oṃ krāṃ krīṃ krauṃ saḥ bhaumāya namaḥ
मंगल (भूमि पुत्र) को नमन। बीज अक्षर मंगल की साहसिक ऊर्जा का आवाहन शक्ति, रक्षा और विवाद निवारण हेतु करते हैं।
यदि सम्भव हो तो लाल चन्दन की लकड़ी और घी से लघु होम करें। मंगल गायत्री का जाप करते हुए पवित्र अग्नि में मसूर दाल की आहुति दें।
गरीबों को मसूर दाल और गुड़ दान करें। ताँबे की वस्तुएँ या लाल वस्त्र भी दे सकते हैं। बन्दरों को मिठाई खिलाएँ (हनुमान, मंगल के अधिष्ठाता देवता से सम्बन्धित)।
मंगल दोष निवारण हेतु मंगल देव और हनुमान जी से प्रार्थना करें। साष्टांग नमस्कार करें। अधिक लाभ के लिए हनुमान चालीसा पढ़ें।