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सूर्य-चन्द्र तिथि पुनरावृत्ति पर आधारित वार्षिक कुण्डली — भावनात्मक और घरेलू फलादेश हेतु चान्द्र जन्मदिन परम्परा का सम्मान
तिथि प्रवेश एक वार्षिक कुण्डली है जो उस क्षण के लिए बनाई जाती है जब जन्म का सूर्य-चन्द्र कोणीय सम्बन्ध (जन्म तिथि) प्रत्येक वर्ष पुनरावृत्त होता है। जहाँ वर्षफल (सौर प्रत्यावर्तन) सूर्य के अपने यथार्थ जन्म भोगांश पर लौटने को ट्रैक करता है, वहीं तिथि प्रवेश सूर्य-चन्द्र सम्बन्ध के लौटने को — वही तिथि, उसी सौर मास में। यह हिन्दू परम्परा में गहराई से निहित है जहाँ व्यक्ति का "वास्तविक" जन्मदिन उसकी जन्म तिथि है, ग्रेगोरियन तिथि नहीं।
उदाहरणार्थ, यदि आपका जन्म शुक्ल पंचमी (शुक्ल पक्ष की 5वीं तिथि) पर हुआ जब सूर्य वृषभ में था, तो आपका प्रत्येक वर्ष का तिथि प्रवेश वह क्षण है जब चन्द्र-सूर्य विस्तार पुनः पंचमी मान (48-60 अंश) पर पहुँचता है जबकि सूर्य वृषभ में हो। यह क्षण आपके ग्रेगोरियन जन्मदिन से कुछ दिन पहले या बाद में पड़ सकता है।
तिथि प्रवेश की जड़ें सौर तिथि के बजाय तिथि द्वारा जन्मदिन मनाने की वैदिक परम्परा में गहरी हैं। धर्मशास्त्र ग्रन्थ प्रत्येक वर्ष जन्म तिथि पर अनुष्ठान निर्धारित करते हैं। ज्योतिषीय अनुप्रयोग — TP क्षण के लिए भविष्यवाणी कुण्डली बनाना — संजय रथ और अन्य आधुनिक ज्योतिष विद्वानों द्वारा प्रचारित किया गया जिन्होंने तर्क दिया कि तिथि-आधारित प्रत्यावर्तन विशुद्ध सौर वर्षफल से बेहतर वैदिक ज्योतिष के चान्द्र सार का सम्मान करता है। TP तकनीक पाराशरी सिद्धान्तों (भाव, स्वामित्व) और ताजिक पद्धति (वार्षिक कुण्डली व्याख्या) दोनों से ग्रहण करती है।