Loading...
Loading...
पंचांग पृष्ठ खोलें और हर तत्त्व का अर्थ सरल भाषा में समझें
हमारे ऐप पर पंचांग पृष्ठ खोलें। आप पाँच मूल तत्त्व देखेंगे — इसीलिए इसे "पंच-अंग" (पाँच अंग) कहते हैं। आइए पहले दो से शुरू करें।
पंचांग को एक ब्रह्माण्डीय मौसम ऐप समझें। जैसे मौसम ऐप बताता है "धूप, 25°C, UV इण्डेक्स उच्च — सनस्क्रीन लगाएँ," वैसे ही पंचांग बताता है "शुक्ल दशमी, हस्त नक्षत्र, शुभ योग — नई शुरुआत के लिए अच्छा दिन, राहु काल में यात्रा आरम्भ न करें।" करोड़ों भारतीय हर सुबह यह देखते हैं, ठीक वैसे जैसे आप मौसम देखते हैं।
पश्चिमी कैलेंडर में चन्द्रमा की केवल 4 कलाएँ हैं (नया, पहली तिमाही, पूर्ण, अन्तिम तिमाही)। वैदिक पद्धति में 30 कलाएँ हैं! चन्द्र-सूर्य पृथक्करण के प्रत्येक 12° = 1 तिथि। शुक्ल पक्ष = बढ़ता चन्द्रमा (चन्द्रमा बड़ा हो रहा), कृष्ण पक्ष = घटता चन्द्रमा (चन्द्रमा छोटा हो रहा)। पूर्णिमा = पूर्ण चन्द्र, अमावस्या = नया चन्द्र।
क्यों 12°? क्योंकि चन्द्रमा सूर्य से प्रतिदिन लगभग 12° आगे बढ़ता है (चन्द्रमा ~13.2°/दिन - सूर्य ~1°/दिन ≈ 12°/दिन)। इसलिए लगभग प्रतिदिन एक नई तिथि — यह गणित है, रहस्यवाद नहीं।
प्रत्येक दिन एक ग्रह द्वारा शासित है। रविवार = सूर्य (Ravi), सोमवार = चन्द्र (Soma), मंगलवार = मंगल (Mangala), बुधवार = बुध (Budha), गुरुवार = गुरु (Guru/Brihaspati), शुक्रवार = शुक्र (Shukra), शनिवार = शनि (Shani)। अंग्रेजी नाम उन्हीं ग्रहों से आते हैं! Sun-day, Moon-day, आदि।
यहाँ एक चौंकाने वाला सम्बन्ध है: अंग्रेजी सप्ताह के दिन उसी ग्रह पद्धति से आते हैं। Sunday = Sun-day (रविवार)। Monday = Moon-day (सोमवार)। Saturday = Saturn-day (शनिवार)। Tuesday = Tiw's day (नॉर्स मंगल = मंगलवार)। यह संयोग नहीं है — 7-दिवसीय ग्रह सप्ताह भारत से बेबीलोन होते हुए रोम तक पहुँचा। जब भी आप "Monday" कहते हैं, आप भारतीय खगोलशास्त्र का प्रयोग कर रहे हैं।
7-दिवसीय सप्ताह भारत और बेबीलोन दोनों में एक ही ग्रह होरा पद्धति का उपयोग करके स्वतन्त्र रूप से आविष्कृत हुआ। क्रम सूर्य→चन्द्र→मंगल→बुध→गुरु→शुक्र→शनि प्रत्येक 24वीं होरा (ग्रह घण्टे) की गणना से आता है — शुद्ध गणित, संयोग नहीं। कल्डियन क्रम (शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चन्द्र) में होराएँ निर्धारित करें, और प्रत्येक 24वीं होरा अगले दिन का स्वामी देती है।