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भगवान शिव (त्रिपुरारि), भगवान विष्णु, कार्तिकेय
कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनायी जाती है — देवताओं का दीपोत्सव। स्कन्द पुराण के अनुसार शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया और देवता वाराणसी में गंगा स्नान करने आये। यह कार्तिकेय का जन्मदिन भी है। तुलसी विवाह काल भी इसी समय आता है।
कार्तिक पूर्णिमा वर्ष की सबसे पवित्र पूर्णिमा मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान सौ अश्वमेध यज्ञों का पुण्य देता है। पवित्र कार्तिक मास की पूर्णाहुति और देवताओं का दीपोत्सव।
सूर्योदय से पहले गंगा या नदी में कार्तिक स्नान करें। घाटों पर दीपों की पंक्तियाँ जलाएँ — वाराणसी के घाट इस रात अलौकिक दिखते हैं। शिव की त्रिपुरारि रूप में पूजा करें। तुलसी विवाह कराएँ। सत्यनारायण पूजा करें।