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विंशोत्तरी दशा को एक वर्ष में संकुचित किया गया — वही ग्रह अनुपात 120 वर्ष से 365 दिनों में मापित, मास-स्तरीय वार्षिक फलादेश हेतु
मुद्दा दशा परिचित विंशोत्तरी दशा चक्र — जो सामान्यतः 120 वर्षों में फैला है — को एक सौर वर्ष के 365.25 दिनों में संकुचित करती है। प्रत्येक ग्रह को आनुपातिक आवंटन समान रहता है: सूर्य को वर्ष का 6/120 (18.26 दिन), चन्द्र को 10/120 (30.44 दिन), मंगल 7/120 (21.31 दिन), राहु 18/120 (54.79 दिन), गुरु 16/120 (48.70 दिन), शनि 19/120 (57.83 दिन), बुध 17/120 (51.74 दिन), केतु 7/120 (21.31 दिन), और शुक्र 20/120 (60.88 दिन)।
This compression allows month-level prediction within the annual chart. While the natal Vimshottari tells you which planet dominates your life across years or decades, Mudda Dasha tells you which planet dominates each MONTH of the specific year, giving a granular timeline for when annual promises will manifest.
वार्षिक कुण्डलियों के लिए संकुचित दशाओं की अवधारणा ताजिक नीलकण्ठी और अन्य ताजिक ग्रन्थों में आती है। अन्तर्निहित तर्क सुन्दर है: यदि विंशोत्तरी अनुपात 120 वर्ष के जीवन चक्र को नियन्त्रित करते हैं, तो वही अनुपात 1 वर्ष के सूक्ष्म-चक्र को भी नियन्त्रित करने चाहिए। स्व-समान मापन का यह सिद्धान्त (वर्ष जीवन को प्रतिबिम्बित करता है) प्रकृति में भग्नगणित (फ्रैक्टल) प्रतिमानों की स्मृति दिलाता है। भारतीय ज्योतिषी विकल्प के रूप में योगिनी दशा को भी एक वर्ष में संकुचित करते हैं, किन्तु मुद्दा दशा (विंशोत्तरी-आधारित) सर्वाधिक प्रचलित वार्षिक दशा पद्धति बनी हुई है।