जयपुर दैनिक पंचांग
शनिवार पंचांग शनिवार, 4 अप्रैल 2026 — जयपुर — द्वितीया, स्वाती
जयपुर वैदिक पंचांग शनिवार, 4 अप्रैल 2026: द्वितीया तिथि, स्वाती नक्षत्र, हर्षण योग। सूर्योदय 06:14, राहु काल 09:22–10:56।
शनिवार, शनिवार, 4 अप्रैल 2026 — जयपुर
आज के पाँच अंग
आज का जयपुर का पंचांग **द्वितीया** तिथि, **स्वाती** नक्षत्र और **हर्षण** योग से परिभाषित है। कृष्ण पक्ष की घटती ऊर्जा चिंतन और पूर्णता के लिए अनुकूल।
जयपुर में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:45 पर है। नीचे दिए गए समय जयपुर के निर्देशांकों के अनुसार हैं।
तिथि: द्वितीया (कृष्ण पक्ष)
नक्षत्र: स्वाती — आज चन्द्रमा की स्थिति साझेदारी और संतुलन को प्रभावित करती है।
योग: हर्षण
वार: शनिवार
समय
शुभ और अशुभ काल
राहु काल 09:22 से 10:56 तक है — इस अवधि में महत्वपूर्ण नए कार्य न करें।
वर्ज्यम् काल 03:41 से 05:26 तक सक्रिय है। इस समय नए कार्य न करें।
अमृत काल 11:59 से 13:44 तक है — महत्वपूर्ण निर्णयों, अनुष्ठानों और नए कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय।
यमगण्ड: 14:03–15:37
मार्गदर्शन
द्वितीया और स्वाती का संयोग आज चल रहे कार्यों को पूरा करने, ऋण चुकाने और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त बनाता है।
अपने स्थान के अनुसार व्यक्तिगत पंचांग के लिए देखो पंचांग पर जाएं।
आज का राशिफल
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
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आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।
ब्रह्माण्डीय धाराएँ आपको आगे ले जाती हैं। विश्वास करें और प्रवाह में रहें।
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आज संतुलन आपकी महाशक्ति है। बदलती ऊर्जाओं के बीच केंद्र में रहें।