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ॐ ज्योतिषां ज्योतिः

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Muhurta

The 30 Time Divisions of the Day -- Ancient Temporal Framework

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அறிவியல் அடிப்படை

मुहूर्तः पूर्णदिनस्य (सूर्योदयात् सूर्योदयपर्यन्तम्) त्रिंशत्तमः भागः, प्रायः 48 निमेषाणां कालः। दिनं 15 दिवामुहूर्तेषु (सूर्योदयात् सूर्यास्तपर्यन्तम्) 15 रात्रिमुहूर्तेषु च विभज्यते।

Formula: 1 Muhurta = (Sunrise to Sunset) / 15 = ~48 min

1 day = 30 Muhurtas = 15 daytime + 15 nighttime

Muhurta Wheel

विवरणार्थं कमपि खण्डं क्लिक्कयतु। हरितम् = शुभम्, रक्तम् = अशुभम्।

123456789101112131415161718192021222324252627282930DAYTIME15 MuhurtasNIGHTTIME15 MuhurtasSunriseSunset

Day-Night Muhurta Timeline

123456789101112131415161718192021222324252627282930SunriseSunsetSunrise15 Daytime Muhurtas15 Nighttime Muhurtas
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முழு பட்டியல்

देवतां महत्त्वं सर्वोत्तमकर्माणि च द्रष्टुं कमपि मुहूर्तं क्लिक्कयतु।

Daytime Muhurtas (Sunrise to Sunset)

Nighttime Muhurtas (Sunset to Sunrise)

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Timing Conflicts & Resolution

यदा शुभाशुभकालौ परस्परं संलग्नौ भवतः, शास्त्रीयग्रन्थाः स्पष्टं मार्गदर्शनं प्रददति।

मुहूर्त एवं राहु काल विरोध मानचित्र

बैंगनी क्षेत्र विभिन्न सप्ताह के दिनों में राहु काल की स्थिति दिखाते हैं, 15 दिवा मुहूर्तों पर आच्छादित। ध्यान दें कि कुछ दिनों में यह शुभ मुहूर्तों और अभिजित् मुहूर्त से भी ओवरलैप करता है।

SunriseSunset~6:00~8:30~10:30~13:30~15:30~18:001. Rudra2. Ahi3. Mitra4. Pitru5. Vasu6. Vara7. Vishvedeva8. Vidhi (Abhijit)9. Satamukhi10. Puruhuta11. Vahini12. Naktanakara13. Varuna14. Aryaman15. BhagaAuspiciousInauspiciousRahu Kalam zonesAbhijit (8th)

1. अभिजित् मुहूर्त बनाम राहु काल

अभिजित् मुहूर्त (8वाँ दिवा मुहूर्त, मध्याह्न के आसपास) दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है। किन्तु राहु काल (राहु द्वारा शासित ~90 मिनट का अशुभ काल) सप्ताह के दिन के अनुसार बदलता है और कभी-कभी अभिजित् से ओवरलैप कर सकता है।

यह विरोध कब होता है?

बुधवार को राहु काल लगभग 12:00-1:30 बजे होता है, जो सीधे अभिजित् मुहूर्त काल से ओवरलैप करता है। गुरुवार को यह लगभग 1:30-3:00 बजे पड़ता है।

शास्त्रीय समाधान (मुहूर्त चिन्तामणि):

शास्त्रीय ग्रन्थ मुहूर्त चिन्तामणि के अनुसार अभिजित् मुहूर्त राहु काल को निष्प्रभ करता है। मध्याह्न अभिजित् की शुभता इतनी प्रबल है कि राहु का प्रभाव शून्य हो जाता है।

रूढ़िवादी दृष्टिकोण:

कुछ विद्वान ओवरलैपिंग भाग से बचने की सलाह देते हैं, विशेषकर अत्यन्त संवेदनशील कार्यों (चिकित्सा, वित्तीय निवेश) के लिए। आध्यात्मिक कार्यों के लिए अभिजित् की प्रधानता सामान्यतः स्वीकृत है।

2. मुहूर्त-तिथि-नक्षत्र पदानुक्रम

क्या होता है जब शुभ मुहूर्त अशुभ तिथि या नक्षत्र पर पड़ता है? शास्त्रीय ग्रन्थ प्रभाव का स्पष्ट पदानुक्रम स्थापित करते हैं:

Strongest →Nakshatra>Tithi>Yoga>Muhurta← Weakest

इसका अर्थ: शुभ मुहूर्त अशुभ नक्षत्र को निष्प्रभ नहीं कर सकता। यदि दिन का नक्षत्र अशुभ माना गया है (जैसे विवाह के लिए भरणी), तो कोई भी मुहूर्त अनुकूलन सहायक नहीं होगा। पहले व्यापक पञ्चाङ्ग जाँचें, फिर उस ढाँचे के भीतर सर्वोत्तम मुहूर्त चुनें।

3. ब्राह्म मुहूर्त बनाम यम घण्टक

ब्राह्म मुहूर्त (मुहूर्त 26-27, सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पूर्व) आध्यात्मिक अभ्यास, ध्यान और वैदिक अध्ययन के लिए सर्वोत्तम काल है। किन्तु यम घण्टक — यम (मृत्यु के देवता) से सम्बद्ध अशुभ उपकाल — कुछ दिनों में ओवरलैप कर सकता है।

व्यावहारिक मार्गदर्शन:

विशुद्ध आध्यात्मिक कार्यों (ध्यान, जप, प्राणायाम) के लिए ब्राह्म मुहूर्त की पवित्रता सर्वोपरि मानी जाती है — यम घण्टक इसकी आध्यात्मिक शक्ति को क्षीण नहीं करता। किन्तु इस काल में आरम्भ किए लौकिक कार्यों के लिए प्रभावित दिनों पर सावधानी उचित है।

4. ऋतुगत भिन्नता का प्रभाव

चूँकि मुहूर्त की अवधि दिन और रात की वास्तविक लम्बाई पर निर्भर करती है, एक ही क्रमांक का मुहूर्त ऋतुओं में भिन्न घड़ी-समय पर पड़ता है।

ग्रीष्म ऋतु

दिवा मुहूर्त: ~55-60 मिनट

रात्रि मुहूर्त: ~36-40 मिनट

अभिजित् देर से (~12:30-1:30)

शिशिर ऋतु

दिवा मुहूर्त: ~38-42 मिनट

रात्रि मुहूर्त: ~54-58 मिनट

अभिजित् जल्दी (~11:30-12:15)

5. वार-विशिष्ट राहु काल विरोध

राहु काल का समय सप्ताह के दिन के अनुसार निश्चित क्रम में आता है:

सोमवार7:30-9:00 AM
प्रभावित मुहूर्त: 2-3 — अहि (वैसे भी अशुभ)
शनिवार9:00-10:30 AM
प्रभावित मुहूर्त: 3-4 — मित्र, पितृ
शुक्रवार10:30-12:00 PM
प्रभावित मुहूर्त: 5-6 — वसु, वाराह
बुधवार12:00-1:30 PM
प्रभावित मुहूर्त: 7-8 — विश्वदेव, अभिजित्!
गुरुवार1:30-3:00 PM
प्रभावित मुहूर्त: 9-10 — शतमुखी, पुरुहूत
मंगलवार3:00-4:30 PM
प्रभावित मुहूर्त: 11-12 — वाहिनी, नक्तनकर (दोनों अशुभ)
रविवार4:30-6:00 PM
प्रभावित मुहूर्त: 13-14 — वरुण, अर्यमन्
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