Loading...
Loading...
उदाहरण: शनि BAV
| ग्रह | मे | वृ | मि | क | सिं | कन् | तु | वृश् | ध | म | कुं | मी | योग |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शनि | 3 | 2 | 4 | 5 | 3 | 6 | 5 | 1 | 4 | 6 | 3 | 7 | 49 |
हरा = 4+ (शुभ) | पीला = 3 (मध्यम) | लाल = 0-2 (कठिन)
बिन्दु स्कोर अर्थ
उदाहरण: सर्वाष्टकवर्ग (SAV)
| SAV | मे | वृ | मि | क | सिं | कन् | तु | वृश् | ध | म | कुं | मी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| योग | 30 | 24 | 29 | 32 | 26 | 35 | 31 | 22 | 28 | 33 | 27 | 20 |
कुल: 337 | औसत प्रति राशि: ~28
स्थिति: शनि वर्तमान में मकर में गोचर कर रहा है
आपके BAV में शनि का मकर स्कोर: 6 बिन्दु
निष्कर्ष: शनि अपनी स्वराशि मकर में 6 बिन्दु (4+ सीमा से ऊपर) के साथ गोचर कर रहा है।
यह गोचर करियर में संरचित वृद्धि, अनुशासन से सफलता, और स्थिर प्रगति लाएगा।
तुलना: मित्र की कुण्डली में शनि का मकर स्कोर: 2 बिन्दु
उसी शनि-मकर गोचर में, आपके मित्र को कठिनाइयाँ, देरी और बाधाएँ अनुभव होंगी।
एक ही गोचर, दो बहुत अलग अनुभव — यह अष्टकवर्ग की शक्ति है।
शोधन उदाहरण (शनि BAV):
शोधन पूर्व: मेष = 3, वृश्चिक = 1 (मंगल जोड़ी)
न्यूनतम = 1, दोनों से घटाएँ
शोधन पश्चात: मेष = 2, वृश्चिक = 0
वृश्चिक में शनि गोचर अब निष्प्रभावी प्रतीत होता है।
| कक्ष्या | स्वामी | अंश सीमा |
|---|---|---|
| 1 | शनि | 0° - 3°45′ |
| 2 | गुरु | 3°45′ - 7°30′ |
| 3 | मंगल | 7°30′ - 11°15′ |
| 4 | सूर्य | 11°15′ - 15° |
| 5 | शुक्र | 15° - 18°45′ |
| 6 | बुध | 18°45′ - 22°30′ |
| 7 | चन्द्र | 22°30′ - 26°15′ |
| 8 | लग्न | 26°15′ - 30° |