शिकागो · USA
गोवर्धन पूजा 2029शिकागो मे
Exact puja times & muhurta computed for Chicago coordinates (41.88°N, -87.63°E)
मुख्य समय
पर्वक तिथि
Tuesday, November 6, 2029
सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
16:39
ई तिथि किएक?
Govardhan Puja follows the Udaya Tithi rule – the festival is observed on the day when the required tithi prevails at sunrise. This is the default Dharmasindhu convention for festivals without a special time-window requirement.
पूजा विधि
आवश्यक सामग्री
- गोबर (गोवर्धनक मूर्ति लेल)
- कृष्णक मूर्ति वा चित्र
- अन्नकूटक सामग्री (छप्पन प्रकारक भोजनक भोग)
- फूल आ माला
- तुलसीक पात
पूजाक चरण
- 1
गोवर्धन पर्वत बनयब
आँगन वा पूजा स्थान मे गोबर सँ एकटा छोटका पहाड़ (गोवर्धन) बनाउ। एकरा फूल, घास आ छोटका गाछ सँ सजाउ। एकटा हाथ उठेने (जेना प...
- 2
गौ पूजा (गाय क पूजा)
गाय क पूजा कुमकुम आ हल्दीक तिलक लगाकय, माला चढ़ाकय, आ ओकरा ताज़ा हरियर चारा आ गुड़ खुआकय करू। गाय कामधेनु क प्रतिनिधित्व...
- 3
सङ्कल्प
दाहिना हाथ मे जल आ अक्षत लिय। अपन नाम, गोत्र, तिथि (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा), आ गोवर्धन पूजाक उद्देश्य बताउ। जल छोड़ू।
फल (लाभ)
गोवर्धन पूजा भगवान कृष्णक आशीर्वाद, प्राकृतिक आपदा सँ रक्षा, भोजन आ धनक प्रचुरता, पशु आ परिवारक कल्याण प्रदान करैत अछि आ भगवानक प्रति भक्ति केँ गहन करैत अछि।
गणनाक प्रमाण – पारदर्शी लेखा परीक्षण
देवता
भगवान कृष्ण
कथा आ इतिहास
गोवर्धन पूजा उस दिन का स्मरण है जब बालकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाकर वृन्दावन के लोगों और गौओं को इन्द्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाया। कृष्ण के कहने पर व्रजवासियों ने इन्द्र यज्ञ बन… पूरा कथा पढू →कम देखाबू ↑
गोवर्धन पूजा उस दिन का स्मरण है जब बालकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उँगली पर उठाकर वृन्दावन के लोगों और गौओं को इन्द्र की प्रलयकारी वर्षा से बचाया। कृष्ण के कहने पर व्रजवासियों ने इन्द्र यज्ञ बन्द कर गोवर्धन की पूजा की। पराजित इन्द्र ने कृष्ण से क्षमा माँगी।
कनाय पालन करब
गोवर्धन पर्वत के आकार में अन्नकूट सजाएँ – चावल, दाल, सब्ज़ियाँ, मिठाइयाँ। कृष्ण को अर्पित करें। गौओं को सजाकर पूजा करें। गोबर से गोवर्धन बनाकर परिक्रमा करें। मन्दिर में अन्नकूट दर्शन करें।
महत्व
गोवर्धन पूजा प्रकृति-भक्ति और आत्मनिर्भरता की शिक्षा देती है। कृष्ण ने दिखाया कि समुदाय का पोषण करने वाला पर्वत और गौएँ पूजा के योग्य हैं। यह दीपावली का चौथा दिन है।